ताजमहल कहाँ है? ताजमहल को किसने बनाया?

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका इस article में इस आर्टिकल में हम आपको बताने वाले हैं ताजमहल से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियों के बारे में जैसे कि ताजमहल कहाँ है और ताजमहल को किसने बनवाया था। दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको ताजमहल से जुड़ी संपूर्ण जानकारी के बारे में बताया है जैसे कि ताजमहल को किसने बनाया?, ताजमहल का निर्माण कब करवाया गया था?, ताजमहल के अंदर में क्या है?, ताजमहल बनाने में कितना वक्त लगा था, ताजमहल के बारे में कुछ खास जानकारी ताजमहल का निर्माण और आर्टिकल के अंत में हम लोग बात करेंगे ताजमहल का इतिहास के बारे में तो दोस्तों ताजमहल के बारे में संपूर्ण जानकारी लेने के लिए आप हमारे आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें | ताकि आपको ताजमहल से जुड़ी संपूर्ण जानकारी मिल सके

ताजमहल कहाँ है?

दोस्तों अगर आपको जानकारी नहीं है तो हम आपको बता दें कि ताजमहल इमारत हमारे देश भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के एक बड़े शहर आगरा में स्थित है. और दोस्तों ताजमहल यमुना नदी के किनारे स्थित है

ताजमहल को किसने बनाया?

दोस्तों अगर आपको नहीं पता है तो हम आपको बता दें कि ताजमहल इमारत का निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी बेगम मुमताज महल के स्मरण में बनवाया था.

ताजमहल का निर्माण कब करवाया गया था?

ताज़महल इमारत के केंद्र में स्थित मकबरे का निर्माण वर्ष 1643 के में पूर्ण हुआ था. और 10 वर्ष का समय ताजमहल के अन्य भाग बनाने में लगा था

ताजमहल के अंदर क्या है?

ताजमहल इमारत के अंदर बेग़म मुमताज महल जो मुगल बादशाह शाहजहा की पत्नी है उनका मकबरा बनवाया गया है

ताजमहल बनाने में कितना वक्त लगा था?

दोस्तों हम आपको बता दें कि ताजमहल इमारत की आधारशिला और मकबरे के निर्माण में लगभग 12 साल का समय लगा. तथा ताजमहल इमारत के अन्य भागों को बनाने में लगभग 10 वर्ष का समय लगा. इन सब को मिलाकर ताजमहल को पूरी तरह से बनाने में लगभग 22 साल का वक्त लग गया था

ताजमहल बनवाने में कितना लागत आया था?

दोस्तो उस जवाना में ताज महल को बनाने में लगभग 35 मिलियन रूपेश को ताज महल पर खर्च कर के ताज महल को बनाया गया था। अगर हम 35 मिलियन रूपेश को अगर इंडिया कर्रेंसी रुपये में बदले तो वो तकरीबन 3:30 करोड़ रुपये होते है। तो आप सोच सकते है कि उस जवाने में 3:30 करोड़ रुपये का कितना महत्व होगा।

ताजमहल के बारे में कुछ खास जानकारी

ताजमहल भारत देश के राज्य उत्तर प्रदेश के शहर आगरा में स्थित है. ताजमहल हमारे देश की राष्ट्रिय और काफी महत्वपूर्ण धरोहर है. जिस पर हम सारे भारतीयों का गर्व हैं। इसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी बेगम मुमताज महल के स्मरण में करवाया गया था. ताजमहल इमारत वास्तव में शाहजहां के बेगम मुमताज महल का मकबरा हैं. यह ताजमहल मकबरा मुगल वास्तुकला का उत्कर्ष प्रतीक हैं।

ताजमहल इमारत की वास्तु शैली इस्लामी, भारतीय, तुर्क और फारसी वास्तुकलाओं का अनोखा मिश्रण माना जाता हैं. वर्ष 1983 में UNESCO ने ताजमहल इमारत को ‘विश्व धरोहर स्थल’ का दर्जा प्रदान किया था.

ताजमहल इमारत की संरचना और बनावट सामान्य इमारत से काफी भिन्न है. तथा ताजमहल इमारत का आकार गुम्बदनुमा हैं. इस ऐतिहासिक इमारत के केंद्र में बहुत सुन्दर मकबरा है. यह मकबरा वास्तुकला का श्रेष्ठ और बेहतरीन नमूना लगता है. इस ताजमहल इमारत के प्रधान रूपांकनकर्ता उस्ताद अहमद लाहौरी हैं।

ताजमहल का निर्माण

ताजमहल का निर्माण कैसे शुरू हुआ, यह कई इतिहासकारों द्वारा अच्छी तरह से प्रलेखित किया गया है और वे सभी सहमत हैं कि ताज का निर्माण तब किया गया था जब शाहजहाँ की सबसे प्यारी पत्नी अर्जुमंद बानो बेगम, जिसे मुमताज महल के नाम से जाना जाता था, की मृत्यु उसके 14 वें बच्चे को जन्म देते हुए हुई थी। मध्य प्रदेश में बुरहानपुर जहाँ वह शाहजहाँ के साथ उसके एक सैन्य अभियान में गई थी। मुमताज़ की मृत्यु 39 वर्ष की आयु में हुई। मुमताज़ की मृत्यु पर शाहजहाँ इतना व्याकुल था कि उसने एक सप्ताह के लिए खुद को एक कमरे में कैद कर लिया और जब वह कमरे से बाहर आया तो उसके सारे बाल सफेद हो चुके थे। मुमताज़ के शरीर को बुरहानपुर में ही अस्थायी रूप से दफनाया गया था और बाद में ताजमहल के केंद्रीय हॉल में स्थानांतरित कर दिया गया था।

इतिहासकारों का मानना ​​है कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि जिस जमीन पर ताजमहल का निर्माण किया गया है, वह राजा जय सिंह की थी और इस जमीन पर एक बाग था, जिसे ताजमहल बनाने के लिए हटा दिया गया था। जय सिंह को 5 ‘हवेलियों’ के रूप में भूमि के लिए मुआवजा दिया गया था क्योंकि मुमताज महल के मकबरे का निर्माण इस्लामी सिद्धांत के अनुसार दान की गई भूमि पर नहीं किया जा सकता था।

ताजमहल का इतिहास

ताजमहल को शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल के लिए एक मकबरे के रूप में बनवाया था, जिनकी मृत्यु 1631 में अपने 14 वें बच्चे को जन्म देते समय हुई थी। उनकी मृत्यु ने सम्राट शाहजहाँ को पूरी तरह से तोड़ दिया, और उनके बाल कहा जाता है रातों-रात धूसर हो जाना। ताज का निर्माण 1632 में शुरू हुआ था। मुख्य भवन आठ वर्षों में पूरा हुआ था, लेकिन पूरा परिसर 1653 तक पूरा नहीं हुआ था। निर्माण पूरा होने के तुरंत बाद, शाहजहाँ को उसके बेटे औरंगजेब ने उखाड़ फेंका और आगरा के एक बड़े किले में कैद कर दिया। अपने शेष जीवन के लिए, शाहजहाँ केवल एक खिड़की के माध्यम से अपनी चमत्कारिक रचना को देख सकता था। 1666 में शाहजहाँ की मृत्यु हो गई, जिसके बाद उसके नश्वर अवशेषों को मुमताज के साथ यहीं दफनाया गया।

पूरे भारतीय और मध्य एशिया के लगभग 20,000 से अधिक लोगों ने इस हड़ताली इमारत पर काम किया। विशेषज्ञों को यूरोप के रूप में दूर से लाया गया था जिन्होंने सुंदर संगमरमर स्क्रीन और संगमरमर जड़ (पिएट्रा ड्यूरा) का निर्माण किया था जो हजारों अर्ध कीमती पत्थरों से बना है। ताजमहल को 1983 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामित किया गया था। ताजमहल आज भी उतना ही प्राचीन दिखता है जितना कि इसे पहली बार बनाया गया था। 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में स्मारक एक बड़े पैमाने पर बहाली परियोजना से गुजरा।

(अंतिम विचार)

दोस्तों हमें उम्मीद है कि आपको हमारा ताजमहल पर यह पोस्ट पसंद आया होगा और आप हमारे इस आर्टिकल से कुछ अलग सीखे होंगे । दोस्तों हमने इस पोस्ट में पूरा प्रयास किया है कि आपको ताजमहल से जुड़ी सारी जानकारी दिया जाए । दोस्तों अगर आप हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़े होंगे तो,आपको पता होगा कि हमें इस आर्टिकल में ताजमहल के बारे में बहुत सारी जानकारी प्राप्त किए हैं जैसे कि ताजमहल कहाँ है और ताजमहल को किसने बनवाया था।

इसके अलावा हम लोग इस आर्टिकल में बात किया है कि ताजमहल को किसने बनाया?, ताजमहल का निर्माण कब करवाया गया था?, ताजमहल के अंदर में क्या है?,ताजमहल बनाने में कितना वक्त लगा था, ताजमहल के बारे में कुछ खास जानकारी ताजमहल का निर्माण और आर्टिकल के अंत में हमने ताजमहल का इतिहास के बारे में बताया है। दोस्तों अगर आपको हमारा इस पोस्ट से कुछ ज्ञान मिला है तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं लेकिन अगर आपको हमारा इस पोस्ट में कोई परेशानी हुई हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं हमारी समूह आपकी मदद करने के लिए अवश्य प्रयास करेगी

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